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आँखो की गहराई
लगा था
हुई थी
हीरा-मोती
भी खाने
प्रेम-कहानी
लगा है
वादा
हीं भूले जाते
निर्दोष और सच्चा
सिर-माथे
जीवलगा
करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे
प्रेमहिईश्वरहै
अपनाtimeआएगादिनसबकाआताहैदर्द
नशा
शुरू
जैसे ही
सोना-चांदी
तुममेरीहसीनआंखोंकीजानहोइसदिलमेंबसेअरमानोंकीउड़ानहो
Hindi
डुबने लगा
Quotes
मेरी शायरी.. आँखों की गहराई देखकर सागर भी सोचने लगा, ए बंदे ...
बुधवार: सोना-चांदी या हीरा-मोती, इन सबका ऐसा हुआ नशा। चढ़ कर ...
शनिवार: ना जाने क्यू लगा भूले वादा, सुनो नया साल आ चुका तो। ...
शनिवार : इंसान मास भी खाने लगा है, निर्दोष पशु भी खाने लगा ...
शनिवार: जैसे ही मेरी प्रेम-कहानी शुरू हुई थी, मोहब्बत पर कि ...
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